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धूमधाम से मनी देवी अहिल्या बाई की 223 वीं पुण्यतिथि
अहिल्याबाई को मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र ही नहीं पूरे देश में पूजा जाता है : श्रीराम शिंदे
इंदौर. लोकमाता देवी अहिल्याबाई की पालकी यात्रा आज उनकी 223 वीं पुण्यतिथि पर परंपरागत रीति रिवाज एवं लाव लश्कर के साथ निकली. देवी अहिल्या बाई की प्रतिमा को पालकी में रखा गया एवं अहिल्या उत्सव समिति की अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने देवी की पूजा अर्चना संपन्न की. इसके बाद पालकी यात्रा हैप्पी वांडरर्स सभाग्रह से नगर भ्रमण हेतु निकली.
यात्रा में सुसज्जित घोड़ों पर देवी अहिल्या बाई की महिला सेना आकर्षक वेशभूषा में मौजूद थी. लेजिम झांझ और ढोल पार्टी अपने अलग अंदाज में इस पालकी यात्रा को उत्साह से ओत-प्रोत कर रहे थे. नेपाली सांस्कृतिक परिषद, बंगाली समाज, केरल समाज के लोग अपनी परंपरागत वेशभूषा में इस पालकी यात्रा में शामिल होकर लघु भारत के स्वरूप का आभास करा रहे थे। सरदार लोगों की गतका पार्टी पालकी यात्रा का मुख्य आकर्षण था.
लोकसभा स्पीकर श्रीमती महाजन यात्रा में पैदल चल रही थी. उनके साथ नगर भाजपा के संगठन मंत्री जयपालसिंह चावड़ा, नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा, विधायक सुदर्शन गुप्ता, महेंद्र हार्डिया, उषा ठाकुर, सभापति अजयसिंह नरूका सहित कई पार्षद व शहर के कई गणमान्य नागरिक भी पालकी यात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे. पालकी यात्रा हैप्पी वांडर्स सभाग्रह से निकलकर चिमनबाग, जेल रोड, एमजी रोड कृष्णपुरा छत्री, नंदलालपुरा, यशवंत रोड होते हुए रात को गोपाल मंदिर पहुंची. गोपाल मंदिर में देवी अहिल्या बाई की पूजा अर्चना की गई.
देवी अहिल्या पूरे देश मेें पजनीय: शिदे
लोकमाता देवी अहिल्याबाई अपने कर्मों से केवल महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश ही नहीं वरन सम्पूर्ण देश में पूजी जाती हैं. हम देश के किसी भी धर्म स्थल पर चले जाएं, देवी अहिल्या के किए हुए काम वहां उनकी स्मृति की चिरस्थायी बनाते हुए मिल जाएंगे.
यह बात देवी अहिल्या उत्सव समिति द्वारा आयोजित पुरूस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए महाराष्ट्र सरकार के जल संसाधन मंत्री श्रीराम शिंदे ने कही. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लोक सभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि आज अनूठा संयोग है कि देवी अहिल्या बाई इंदौर में आज उनका मायका और ससुराल दोनों उपस्थित है.
देवी अहिल्या को स्मरण कर ही करते काम
समारोह में अहिल्याबाई होल्कर के परिवार के वंशज युवा यशवंतराव होलकर तृतीय (रिचर्ड होलकर के सुपुत्र) भी मुंबई से विशेष रूप से पधारे थे. उन्होंने अपने संक्षिप्त संबोधन में सुमित्राजी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आज भी हमारा परिवार अहिल्याबाई का स्मरण करते हुए ही सभी कार्य करते हैं. समारोह को महाराष्ट्र सरकार के पशुपालन मंत्री महादेव जानकर ने भी सम्बोधित किया.
गुणजन सम्मान डॉ. परीख को
इस वर्ष का गुणीजन सम्मान मेडिकल की परीक्षा में सात गोल्ड मेडल हांसिल करने वाली डॉ. अजय परीख को प्रदान किया गया. इस अवसर अहिल्या उत्सव समिति द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को भी पुरूस्कार प्रदान किए गए. स्वागत भाषण कार्यकारी अध्यक्ष अशोक डागा ने दिया. संचालन विनीता धर्म व शरयू वाघमारे ने किया तथा आभार कमलेश नाचन ने माना.


